शीर्षक :- दोस्ती ✍️ मीनाक्षी त्रिवेदी, 'मौनी' वडोदरा।
मिली हम चारों सहेलियां, सालों के बाद, संभव हुआ मिलना, फेसबुक के जरिए। वो बचपन के किस्से, लढना झगडना! एक दूजे से किट्टा बुट्टा करना, फिर परीक्षा में पढना साथ साथ, सब गपशप की, पता भी न चला, कब सुबह हुई ... हम तीन सहेलियों का, संसार था बढिया, चौथी सहेली वर्षा की हालत कूछ ठीक नहीं थी। पैसे की तंगी, तनखाह कम, बच्चे को पढा नहीं सकती थी। बात थी चिंतित होने की, हम तीनोंने मिलकर, कुछ फंड किया इकठ्ठा, बेटे की पढाई पूरी करवाई, डॉक्टर बनके जब वो, बढिया प्रैक्टिस करने लगा, तो शाता मिली ह्रदय को!! दोस्ती तो होती है ऐसी। बस प्यार ही प्यार!!! 🌹🌹 मीनाक्षी त्रिवेदी, 'मौनी' वडोदरा। 👉 ऐसे ही अनेक लेख और कविता के पठन के लिए नीचे की लिंक को क्लीक करे। laganinorangmnch.blogspot.com