शीर्षक :- मां ✍️ Hema Bajpai..Ahemdabad



 बचपन से अब तक कितना बदल गया है सब,

 लेकिन मां की फिक्र ना बदली  अब तक.....

 स्कूल से कॉलेज कॉलेज से नौकरी तक का सफर   उलझनो से भरा था,

 लेकिन उलझनो से परे मां की  मुस्कुराहट ना बदली आज तक....

 तबीयत खराब होने पर  हाल तो हर कोई पूछ लेता है,

 पर तबीयत खराब  होने से पहले दवा लेने की सलाह सिर्फ मां देती है...... 

 बोलकर भी कोई न सुनता है मुझे,

  पर ना बोलकर भी चेहरा पढ़ लेती है मां....
 सच में  मां से बड़ा डाक्टर आजतक ना देखा...

 हाथ पकड़ कर दुनिया दिखाने का ख्वाब  बेशक पिता पूरा करते  है,

 पर हाथ छोड़ कर भी ना छोड़ने का फर्ज मां  अदा करती है......

 सचमुच, 
          बचपन से अब तक            कितना कुछ बदल गया पर    मां की फिक्र ना बदली आज तक.....

Hema Bajpai
Ahemdabad


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