शीर्षक :- सावन ✍️रागिनी शुक्ला, 'राग' मुंबई,
आई आई देखो.. सावन की सवारी आई। झूम झूम कर गाये भक्त, गूँज उठे देवालय ... शिवालयों में जाते भक्त जन मस्ती में। बोले शिव शिव, बम बम बोले, महादेव को,करें समर्पित जल। आनंद की अवधि में डूबे, मन-मंदिर में मस्त, भक्त जनों आते। बरसे मेघ,जैसे अमृत, आने से भक्त जनों के, व्रत और उपवास लिये। सावन आया, बरसे प्रभु कृपा सब पर। बिल्व पत्र के साथ, रुद्राभिषेक करें, और करें अनुष्ठान श्रद्धा से अभिषेक करें शिवजी का प्रसन्न हो जाये भोला। शिव और पार्वतीजी की जोडी, श्रद्धा और विश्वास की, पंचाक्षरके जापसे, प्रसन्न हो जाये मन, आया सावन मन भावन। आया सावन मन भावन। रागिनी शुक्ला, 'राग' मुंबई , 👉 ऐसे ही अनेक लेख और कविता के पठन के लिए नीचे की लिंक को क्लीक करे। laganinorangmnch.blogspot.com