शीर्षक : घर में रहोना ! ✍️ रेखा प्रजापति - अहमदाबाद

 



खुद से मोहब्बत करोना जनाब घर में रहो ना,

 खुशहाल कल की सोचो ना जनाब घर में रहोना!


 अभी वक्त चल रहा है जहरीली हवाओं का,

 इन हवाओं से डरो ना जनाब घर में रहोना!


 वक्त नहीं देते यह शिकायत थी घरवालों की,

तो अब शिकायत दूर करो ना जनाब घर में रहोना!


 खुद की अगर परवाह नहीं तो ना सही,

अपनों के लिए जरा ठहरोना जनाब घर में रहोना!


मौके नहीं मिलते बार-बार देशभक्ति दिखाने के,

तो देशभक्ति दिखाओ ना जनाब घर में रहोना!


रेखा प्रजापति - अहमदाबाद

 03/12/2020

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