प्रभु कृपा .... ✍️ दक्षा ठाकर, 'दक्षु' अहमदाबाद
आज ये शुभधडी आई है,
चलना है अयोध्या नगरी में।
आज शिलान्यास की बेला है,
मंगल कामना करतें है।
मंगल गीतों के साथ में,
शरणाई वीणा के सूर गूँजे है।
करते है पूजन अर्चन हम,
होना है लीन भक्ति में आपकी।
खुशियों की हेली आती रहे,
मेरे राम, सदा हर घरमें।
सामर्थ्य दो प्रभु,,ऐसा,
ह्रदय में सदा निवास रहे।
कृपा निधान मेरे प्रभु जी
कृपा हमेशा बनाकर रखना।

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